ads banner
ads banner
ads banner
ads banner
ads banner
ads banner
होमसमाचारविश्व कप समाचारसऊदी अरब प्रीमियर लीग पर बड़ा रहा है दबाव

सऊदी अरब प्रीमियर लीग पर बड़ा रहा है दबाव

सऊदी अरब प्रीमियर लीग पर बड़ा रहा है दबाव

सऊदी अरब प्रीमियर लीग पर बड़ा रहा है दबाव, सऊदी अरब ने लगभग पाँच बिलियन खर्च किए है इस साल स्पोर्ट के लिए, सऊदी के बैंक ने न्यू कैसल टीम के 80 प्रतिशत अनुयाय को उन्होंने अपने अधीन कर लिया है। सऊदी प्रो लीग ने भी धीरे धीरे प्रीमियर लीग के कही बड़े खिलाडियों को अपने और आकर्षित कर लिया है। इस बार कही बार प्रीमियर लीग के पंडितो के बीच परस्पर विवाद भी चला है जहाँ उनका कहना है सऊदी लीग बड़े पैमाने पर प्रीमियर लीग को आहत कर रहा है।

मोहम्मद बिन सलमान पर लगाए जा रहे है आरोप

सऊदी अरब जितना अपने तेल और प्राकृतिक संसाधन से कमा रहा है उसी प्रकार से अपने यहाँ खेल की प्रगति के लिए काफी कुछ करने पर शुरू हो चुका है। देश और विदेश में खेलों में भारी निवेश कर रहे है। विशेषकर पिछले दो वर्षों से और इससे यह आरोप लगा है कि यह हाई-प्रोफाइल रणनीति देश की प्रतिष्ठा को घुमरा करने और इसके खराब मानवाधिकार रिकॉर्ड से ध्यान हटाने के लिए बनाई गई है।

इन आरोपो के जवाब मे बिन सलमान ने कहा यदि स्पोर्ट्सवॉशिंग से मेरी जीडीपी में एक प्रतिशत की वृद्धि हो रही है, तो हम स्पोर्ट्स वॉशिंग जारी रखेंगे।मुझे परवाह नहीं है। खेल से मेरी सकल घरेलू उत्पाद में एक प्रतिशत की वृद्धि है और मैं और 1.5 प्रतिशत का लक्ष्य रख रहा हूं। आप इसे कुछ भी कह लेले या समझ ले लेकिन हम अपने लक्षय के उपर अग्रसर करते रहेंगे। उन्होंने कहाँ की वे यूनाइटेड को खरीदने के इच्छा मे थे, न्यू कैसल के अनुयाय को खरीदने से पहले।

पढ़े : मूर ने हडर्सफ़ील्ड प्रबंधक के रूप में वार्नॉक का स्थान लिया

सऊदी अरब बन रहा है फुटबॉल का नया आकर्षण केंद्र

सऊदी प्रो लीग की किस्मत बदलने पर £3 बिलियन से अधिक खर्च किए गए हैं। सऊदी प्रीमियर लीग क्लबों ने इस गर्मी में 94 विदेशी खिलाड़ियों के साथ अनुबंध पर £800 मिलियन से अधिक खर्च किए। सऊदी अरब ने गोल्फ, मुक्केबाजी, फॉर्मूला वन और टेनिस में भी महत्वपूर्ण निवेश किया है। फीफा क्लब विश्व कप पहली बार दिसंबर में देश में आयोजित किया जा रहा है और इसकी दीर्घकालिक महत्वाकांक्षा 2034 में विश्व कप की मेजबानी करना है।

सऊदी अरब ने 2021 की शुरुआत से खेल सौदों पर लगभग £5 बिलियन खर्च किए हैं। सऊदी अरब देश के खराब मानवाधिकार रिकॉर्ड से ध्यान हटाने के लिए प्रमुख मनोरंजन, सांस्कृतिक और खेल आयोजनों की मेजबानी पर अरबों डॉलर खर्च करता है। पत्रकार जमाल खशोगी की 2018 की हत्या की संयुक्त राष्ट्र की जांच में कहा गया कि उनकी मौत एक न्यायेतर हत्या है जिसके लिए सऊदी अरब जिम्मेदार है।

Satish Kumar
Satish Kumarhttps://footballskynews.com/
मैं फुटबॉल का प्रशंसक हूं और फुटबॉल के बारे में लिखना पसंद करता हूं। मैंने अपनी पसंदीदा टीमों पर एक ब्लॉग पोस्ट लिखा है,

संबंधित फुटबॉल न्यूज़

नवीनतम फुटबॉल न्यूज़