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होमसमाचारविश्व कप समाचारभारत का विजय अभियान पर लगा बहुत बड़ा ब्रेक

भारत का विजय अभियान पर लगा बहुत बड़ा ब्रेक

भारत का विजय अभियान पर लगा बहुत बड़ा ब्रेक

भारत का विजय अभियान पर लगा बहुत बड़ा ब्रेक, भारतीय फुटबॉल टीम ने इस साल एक भी मैच नही गवाया था, लेकिन जैसे ही वे बाहर खेलने गए एकदम से उनके विजय अभियान पर बहुत बड़ा ब्रेक लग गया है। अपने इस खेल से खिलाडी बहुत ही दबाव महसूस कर रहे है। कुछ दिनों पहले भारतीय फुटबॉल बोर्ड और उनके कोच के बीच बहुत बड़ी समस्या हो गई थी, जहाँ कोच AFF द्वारा उनके उपर दबाव बढ़ाना अच्छा नही लगा। अब ये विदेशी टूर पर हार का सामना बहुत बड़े सवाल खडा कर रहा है।

टीम मे खड़े हो रहे है सवाल

निचली रैंकिंग वाली टीमों के खिलाफ जीत की एक हेट्रिक के बाद, कुछ बेहतरीन टीम वाले विरोधियों के खिलाफ कुछ अच्छे परिणामों से उत्साहित, उन्होंने आशा की भावना पैदा की थी कि एशियाई कप आने तक, इगोर स्टिमक की टीम अपने से बेहतर प्रदर्शन करने की स्थिति में होगी।और वो भारतीय खिलाडियों के खेल मे दिखा भी जिस तरह का खेल वे दिखा रहे थे। कोनटीनेंटल चैंपियनशिप में चमत्कार की उम्मीद करने से पहले भारत को अभी भी कुछ रास्ता तय करना है।

इराक के खिलाफ 2-2 की बराबरी पर रहते हुए वे पेनाल्टी मे जा कर हार गए, रविवार को लेबानों  के खिलाफ हुए मुकाबले मे भी 1-0 से हार का सामना करना पड़ा। जिनके खिलाफ पिछले तीन मैचों मे भारत ने कमाल का प्रदर्शन किया था। इस मैच मे भारत के खिलाडियों को ज्यादा मौका नही मिला कोई भी मूव बनाने का। इस साल की शुरुआत में भारत ने लेबनान के खिलाफ जो तीन मैच खेले उनमें से दो में यही कहानी थी। उन दोनों खेलों में इंटरकांटिनेंटल कप के ग्रुप चरण और दक्षिण एशियाई चैम्पियनशिप सेमीफाइनल में भारत एक भी गोल नही कर पाए।

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हर जगह पर हो रही है गलती

भारत के खेल मे हर एक जगह पर गलती पाई जा रही थी, जिससे साफ पता चल रहा था, टीम सही तरह से फॉर्म नही है। उदाहरण के तौर पर देखा जाए अगर डिफ़ेंस सही करे तो मिडफील्ड और फॉरवर्ड मे गलती हो जाती थी, अगर मिडफील्ड सही हो तो डिफ़ेंस और फॉरवर्ड मे गलती ऐसे हर एक मैच हर गलती का पकडा जाना टीम के माहोल पर संदेह उठाता है।

जिसका जिकृ टीम के कोच ने भी कही बार किया, उन्होंने अपने एक नए इंटरव्यू मे कहा है बोर्ड के द्वारा उनके उपर दबाव बनाया जाता है की कुछ चुनिंदा खिलाडियों को लेने के लिए जो बोर्ड चाहते और उनका मानना है कि उन्हे स्वतंत्रता से काम करने दिया जाए वरना वे अपनी पदवी को त्याग देंगे।

Satish Kumar
Satish Kumarhttps://footballskynews.com/
मैं फुटबॉल का प्रशंसक हूं और फुटबॉल के बारे में लिखना पसंद करता हूं। मैंने अपनी पसंदीदा टीमों पर एक ब्लॉग पोस्ट लिखा है,

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